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Wednesday, January 15, 2020

मैय्या तू जग पालनहार

मैय्या तू जग पालनहार

सनातनपुत्र देवीदास विपुल

मां जग्दम्बे के नव रूप, दश विद्या, पूजन, स्तुति, भजन सहित पूर्ण साहित्य व अन्य

 

मैय्या तेरा सहारा हो भवसागर पार करूँ।

मैय्या तेरा किनारा हो भवसागर पार करूँ।।


शक्तिवान की शक्ति तू है और भक्तों की भक्ति।

सुखीजनो का सारा सुख और नास्तिक की अभक्ति।

कृपादृष्टि जिसपर हो जाये वो है बड़ा बड़ भागी।

मैय्या संयम दे दो अपार भवसागर पार करूँ।।


नेत्रों की ज्योति है तुझसे कानों की सुर लहरी।

वाणी में है वास निराला जिहव्या की तू प्रहरी।।

तेरे बिना तो शून्य जगत है कालचक्र थम जाये।

मैय्या काम क्रोध को मार भवसागर पार करूँ।।


जन्म से पहले तू मेरी माता मृत्यु बाद भी तू ही।

लालन भरण तुझी ने कीन्हा वाद विवाद भी तूही।।

छोड़ सहारा अब कहाँ जाऊँ माता मुझे बतलाओ।

मैय्या मिलता रहे तेरा प्यार भवसागर पार करूँ।


दास विपुल ने तुझको पाया जैसे मिला खजाना।

गुरु कृपा भी तुझसे मिली है गुरु भी तुझको माना।।

तेरी कृपा भाग्य से मिलती मैं हूँ बड़ा भाग्यशाली।

मैय्या तुझसे जीलू युग चार भवसागर पार करूँ।।

मैय्या तेरा सहारा हो भवसागर पार करूँ।